नई दिल्‍ली, एएनआइ। केंद्र सरकार अब हज करने वाले यात्रियों को सब्सिडी नहीं देगी। केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने बताया कि सरकार ने अब हज करने वाले यात्रियों को सब्सिडी ना देने का नया फैसला किया है। इस फैसले के कारण 1 लाख 75 हजार लोग बिना सब्सिडी के हज यात्रा पर जाएंगे।

सरकार हर साल 700 करोड़ रुपये हज यात्रा की सब्सिडी पर खर्च करती थी पर अब ऐसा नहीं होगा । बताया जा रहा है कि आजादी के बाद पहली बार हज यात्रियों की सब्सिडी हटाई गई है।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि हज यात्रियों को दी जाने वाली सब्सिडी अब बंद कर दी गई है। दरअसल, हज सब्सिडी का फायदा गरीब मुसलमानों भाइयो को नहीं मिल पा रहा था। सरकार अब गरीब मुस्लिमों के लिए अलग से व्यवस्था करेगी। उन्‍होंने बताया कि हज यात्रा पर मिलने वाली सब्सिडी का फायदा अभी तक सिर्फ एजेंट्स उठा रहे थे, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।

इधर भारत के हज यात्रियों को समुद्री मार्ग से भेजने की योजना को सऊदी अरब ने मंजूरी दे दी है। मुख्तार अब्बास नकवी ने सऊदी अरब के हज व उमराह मंत्री मोहम्मद सालेह बिन ताहेर बेंटेन के साथ करार किया है। सऊदी अरब की रजामंदी मिलने से 23 साल बाद फिर से समुद्री मार्ग खुलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। 1995 में इसे बंद किया गया था, उसके बाद से हवाई मार्ग के जरिये लोग हजयात्रा पर जा रहे हैं।

मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि सऊदी अरब की रजामंदी मिलने के बाद अब दोनों देश के बीच समुद्री यात्रा के तकनीकी पहलुओं पर विचार करेंगे, जिससे आने वाले सालों में इसे शुरू किया जा सकेगा। मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि पहले समुद्र के रास्ते हज यात्रा में 12 से 15 दिनों का समय लगता था, लेकिन अब तीन से चार दिन में जहाज से यात्रा समाप्त कर सकते हैं। एक तरफ का रास्ता 23 सौ नाटिकल मील का है। 1995 में मुंबई के यलो गेट से सऊदी अरब के जेद्दाह तक जल मार्ग पर यात्रा होती थी।

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